जीवन की मौलिक इकाई

 अध्याय 5 : जीवन की मौलिक इकाई — संक्षिप्त सारांश

1. कोशिका (Cell) क्या है?

  • कोशिका जीवन की संरचनात्मक तथा क्रियात्मक इकाई है।
  • सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
  • कुछ जीव एक ही कोशिका के बने होते हैं (एककोशिकीय), जबकि कुछ अनेक कोशिकाओं के बने होते हैं (बहुकोशिकीय)।

2. कोशिका की खोज

  • रॉबर्ट हुक (1665) ने कॉर्क की पतली काट में कोशिकाओं का प्रथम बार अवलोकन किया।
  • ल्यूवेनहॉक ने जीवित कोशिकाओं को देखा।
  • रॉबर्ट ब्राउन ने केन्द्रक की खोज की।
  • श्लाइडेन और श्वान ने कोशिका सिद्धांत प्रस्तुत किया।
  • विर्खो ने बताया कि नई कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं।

3. कोशिका सिद्धांत

  • सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
  • कोशिका जीवन की मूलभूत इकाई है।
  • नई कोशिकाएँ पुरानी कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।

4. कोशिकाओं का आकार एवं आकृति

  • विभिन्न जीवों में कोशिकाओं का आकार और आकृति भिन्न होती है।
  • कोशिकाओं की बनावट उनके कार्य के अनुसार होती है।
  • उदाहरण – तंत्रिका कोशिका, रक्त कोशिका, पेशी कोशिका आदि।

5. कोशिका के मुख्य भाग

प्रत्येक कोशिका में तीन मुख्य भाग पाए जाते हैं—

1.   कोशिका झिल्ली (प्लाज्मा झिल्ली)

2.   कोशिकाद्रव्य (साइटोप्लाज्म)

3.   केन्द्रक (न्यूक्लियस)


6. प्लाज्मा झिल्ली

  • कोशिका की सबसे बाहरी परत होती है।
  • यह चयनात्मक पारगम्य (Selective Permeable) होती है।
  • पदार्थों के अंदर-बाहर आने-जाने को नियंत्रित करती है।

कार्य

  • कोशिका की रक्षा करना।
  • पदार्थों का आदान-प्रदान नियंत्रित करना।

7. विसरण (Diffusion)

  • पदार्थ उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर जाते हैं।
  • ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान इसी प्रक्रिया से होता है।

8. परासरण (Osmosis)

  • जल का अणु अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा अधिक जल-सांद्रता से कम जल-सांद्रता की ओर जाता है।
  • पौधों की जड़ें जल का अवशोषण परासरण द्वारा करती हैं।

9. कोशिका भित्ति

  • केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है।
  • यह सेल्यूलोज की बनी होती है।
  • कोशिका को मजबूती और निश्चित आकार प्रदान करती है।
  • पौधों को फटने से बचाती है।

10. केन्द्रक (Nucleus)

  • कोशिका का नियंत्रण केन्द्र है।
  • इसमें गुणसूत्र (Chromosomes) पाए जाते हैं।
  • गुणसूत्रों में DNA तथा जीन उपस्थित होते हैं।
  • वंशानुगत लक्षणों का संचरण करते हैं।

कार्य

  • कोशिका की सभी क्रियाओं का नियंत्रण।
  • वृद्धि एवं विभाजन को नियंत्रित करना।

11. प्रोकैरियोटिक तथा यूकैरियोटिक कोशिका

(क) प्रोकैरियोटिक कोशिका

  • आकार में छोटी।
  • स्पष्ट केन्द्रक नहीं होता।
  • झिल्लीयुक्त कोशिकांग नहीं पाए जाते।
  • उदाहरण – जीवाणु (Bacteria)

(ख) यूकैरियोटिक कोशिका

  • आकार में बड़ी।
  • स्पष्ट केन्द्रक उपस्थित।
  • झिल्लीयुक्त कोशिकांग पाए जाते हैं।
  • उदाहरण – पौधे, जन्तु, कवक आदि।

12. कोशिकांग (Cell Organelles)

(i) अंतःप्रद्रव्य जालिका (ER)

दो प्रकार की होती है—

  • खुरदरी (RER)
  • चिकनी (SER)

कार्य

  • प्रोटीन तथा वसा का निर्माण।
  • कोशिका के भीतर पदार्थों का परिवहन।

(ii) गोल्जी उपकरण

कार्य

  • पदार्थों का संग्रह, संशोधन तथा पैकेजिंग।
  • लाइसोसोम का निर्माण।

(iii) लाइसोसोम

  • पाचन एंजाइमों से भरे होते हैं।
  • अनावश्यक पदार्थों का विघटन करते हैं।
  • इन्हें "आत्मघाती थैली" कहा जाता है।

(iv) माइटोकॉन्ड्रिया

  • कोशिका का ऊर्जा गृह (Power House) कहलाता है।
  • ATP के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है।
  • इसमें अपना DNA और राइबोसोम होते हैं।

(v) प्लास्टिड

केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं।

प्रकार

1.   क्लोरोप्लास्ट (हरितलवक)

2.   क्रोमोप्लास्ट

3.   ल्यूकोप्लास्ट

कार्य

  • प्रकाश संश्लेषण।
  • भोजन का संग्रह।

(vi) रसधानी (Vacuole)

  • भंडारण का कार्य करती है।
  • पादप कोशिकाओं में बड़ी तथा जन्तु कोशिकाओं में छोटी होती है।
  • कोशिका में तुर्गता (कठोरता) बनाए रखती है।

13. पादप कोशिका और जन्तु कोशिका में अंतर

पादप कोशिका

जन्तु कोशिका

कोशिका भित्ति उपस्थित

कोशिका भित्ति अनुपस्थित

प्लास्टिड उपस्थित

प्लास्टिड अनुपस्थित

बड़ी रसधानी

छोटी रसधानियाँ

आकार प्रायः निश्चित

आकार अनियमित

 

अध्याय 5 : जीवन की मौलिक इकाई

अभ्यास (Chapter End Questions and Answers)

 

प्रश्न 1. पादप कोशिकाओं तथा जन्तु कोशिकाओं में तुलना कीजिए।

उत्तर :

पादप कोशिका

जन्तु कोशिका

कोशिका भित्ति उपस्थित होती है।

कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है।

प्लास्टिड पाए जाते हैं।

प्लास्टिड नहीं पाए जाते।

रसधानी (Vacuole) बड़ी होती है।

रसधानी छोटी होती है।

आकार सामान्यतः निश्चित होता है।

आकार सामान्यतः अनियमित होता है।

सेंट्रोसोम प्रायः अनुपस्थित होता है।

सेंट्रोसोम उपस्थित होता है।

 

प्रश्न 2. प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ यूकैरियोटिक कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न होती हैं?

उत्तर :

प्रोकैरियोटिक कोशिका

यूकैरियोटिक कोशिका

आकार में छोटी होती है।

आकार में बड़ी होती है।

स्पष्ट केन्द्रक नहीं होता।

स्पष्ट केन्द्रक उपस्थित होता है।

झिल्लीयुक्त कोशिकांग नहीं होते।

झिल्लीयुक्त कोशिकांग पाए जाते हैं।

गुणसूत्र एक होता है।

गुणसूत्र अनेक होते हैं।

उदाहरण – जीवाणु

उदाहरण – पादप एवं जन्तु कोशिकाएँ

 

प्रश्न 3. यदि प्लाज्मा झिल्ली फट जाए अथवा टूट जाए तो क्या होगा?

उत्तर :

यदि प्लाज्मा झिल्ली फट जाए, तो कोशिका के अंदर उपस्थित पदार्थ बाहर निकल जाएंगे तथा बाहरी पदार्थ अंदर प्रवेश कर जाएंगे। इससे कोशिका की सामान्य क्रियाएँ रुक जाएँगी और अंततः कोशिका नष्ट हो जाएगी।


प्रश्न 4. यदि गोल्जी उपकरण न हो, तो कोशिका के जीवन में क्या होगा?

उत्तर :

यदि गोल्जी उपकरण न हो, तो कोशिका में बने पदार्थों का संग्रह, संशोधन तथा पैकेजिंग नहीं हो पाएगी। लाइसोसोम का निर्माण भी नहीं होगा। फलस्वरूप कोशिका की अनेक क्रियाएँ बाधित हो जाएँगी।


प्रश्न 5. कोशिका का कौन-सा अंगक बिजलीघर कहलाता है और क्यों?

उत्तर :

माइटोकॉण्ड्रिया को कोशिका का बिजलीघर (Power House) कहा जाता है, क्योंकि यह ATP के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है, जो कोशिका की विभिन्न क्रियाओं के लिए आवश्यक होती है।


प्रश्न 6. कोशिका झिल्ली को बनाने वाले लिपिड तथा प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ होता है?

उत्तर :

  • लिपिड का संश्लेषण चिकनी अंतःप्रद्रव्य जालिका (SER) में होता है।
  • प्रोटीन का संश्लेषण खुरदरी अंतःप्रद्रव्य जालिका (RER) पर उपस्थित राइबोसोमों द्वारा होता है।

प्रश्न 7. अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करता है?

उत्तर :

अमीबा अपनी कोशिका झिल्ली की सहायता से भोजन को चारों ओर से घेरकर अंदर ले लेता है। इस प्रक्रिया को एंडोसाइटोसिस कहते हैं। इसके बाद भोजन रसधानी में पचाया जाता है।


प्रश्न 8. परासरण (Osmosis) क्या है?

उत्तर :

अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा जल के अणुओं का अधिक जल-सांद्रता वाले क्षेत्र से कम जल-सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर गमन परासरण (Osmosis) कहलाता है।


प्रश्न 9. निम्नलिखित परासरण प्रयोग करें :

(क) आलू के खोखले भाग में चीनी का सान्द्र विलयन भरकर उसे जल से भरे पात्र में रखने पर क्या होगा?

उत्तर :

परासरण के कारण बाहर के जल के अणु आलू के माध्यम से चीनी के सान्द्र विलयन में प्रवेश करेंगे, जिससे खोखले भाग में विलयन का स्तर बढ़ जाएगा।


(ख) यह प्रयोग किस प्रक्रिया को प्रदर्शित करता है?

उत्तर :

यह प्रयोग परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया को प्रदर्शित करता है।


एक पंक्ति में महत्वपूर्ण उत्तर

  • कोशिका का बिजलीघरमाइटोकॉण्ड्रिया।
  • आत्मघाती थैलीलाइसोसोम।
  • प्रकाश संश्लेषण का स्थानहरितलवक (क्लोरोप्लास्ट)।
  • कोशिका का नियंत्रण केन्द्रकेन्द्रक।
  • जीवन की मौलिक इकाईकोशिका।
  • प्रोटीन संश्लेषण का स्थानराइबोसोम।
  • वसा संश्लेषण का स्थानचिकनी अंतःप्रद्रव्य जालिका (SER)
  • चयनात्मक पारगम्य झिल्लीप्लाज्मा झिल्ली।
  • भोजन ग्रहण की प्रक्रिया (अमीबा में)एंडोसाइटोसिस।
  • ऊर्जा की मुद्रा – ATP

अति महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष

  • कोशिका जीवन की मूलभूत संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
  • सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं।
  • कोशिका के विभिन्न कोशिकांग मिलकर जीवन की सभी आवश्यक क्रियाएँ सम्पन्न करते हैं।

अध्याय : कोशिका विज्ञान (Cell Biology)

प्रश्न 1.

सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया) और क्लोरोप्लास्ट (हरितलवक) एक पादप कोशिका के दो महत्त्वपूर्ण कोशिकांग हैं। चर्चा कीजिए कि ये दोनों कोशिकांग संरचनात्मक और कार्यात्मक रूप से एक-दूसरे के समान तथा एक-दूसरे से भिन्न कैसे हैं।


समानताएँ

  • दोनों दोहरी झिल्ली वाले कोशिकांग हैं।
  • दोनों में अपना DNA तथा राइबोसोम होता है।
  • दोनों स्वयं विभाजित हो सकते हैं।
  • दोनों ऊर्जा परिवर्तन में सहायता करते हैं।

अंतर

माइटोकॉन्ड्रिया

क्लोरोप्लास्ट

पौधों और जन्तुओं दोनों में पाए जाते हैं

केवल पौधों में पाए जाते हैं

श्वसन का स्थान

प्रकाश संश्लेषण का स्थान

भोजन से ऊर्जा प्राप्त करता है

सूर्य के प्रकाश से भोजन बनाता है

क्रिस्टे पाए जाते हैं

ग्राना तथा क्लोरोफिल पाए जाते हैं

प्रश्न 2.

यदि एक यूकैरियोटिक कोशिका से सभी माइटोकॉन्ड्रिया हटा दिए जाएँ, तो आप किस परिणाम की अपेक्षा करते हैं?

यदि कोशिका से सभी माइटोकॉन्ड्रिया हटा दिए जाएँ, तो ATP (ऊर्जा) का निर्माण बंद हो जाएगा। कोशिका की वृद्धि, गति तथा विभाजन रुक जाएगा और अंततः कोशिका मर जाएगी।

प्रश्न 3.

मानव शरीर में ट्यूमर के बनने को कौन-सी परिघटना (Phenomenon) रोकती है? क्या पौधों में भी ट्यूमर विकसित हो सकते हैं? व्याख्या कीजिए।

संपर्क अवरोध (Contact inhibition) अनियंत्रित कोशिका विभाजन को रोकता है और ट्यूमर बनने से बचाता है। हाँ, पौधों में भी ट्यूमर बन सकते हैं, जैसे Agrobacterium tumefaciens द्वारा होने वाला क्राउन गॉल रोग।

प्रश्न 4.

एक कोशिका की कोशिका झिल्ली प्रोटीन और लिपिड से बनी होती है। कोशिका झिल्ली के संश्लेषण में कौन-से कोशिकांग सहायता करते हैं? इन यौगिकों के उनके संश्लेषण स्थल से कोशिका झिल्ली तक के मार्ग को लिखिए तथा इसे एक नामांकित चित्र द्वारा दर्शाइए।

उत्तर

  • स्मूथ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (SER) लिपिड बनाता है।
  • रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (RER) प्रोटीन बनाता है।
  • गोल्जी तंत्र इनका संशोधन और पैकेजिंग करता है।
  • वेसिकल इन्हें कोशिका झिल्ली तक पहुँचाते हैं।

मार्ग:
RER/SER →
गोल्जी तंत्र वेसिकल कोशिका
झिल्ली

प्रश्न 5.

क्या होगा यदि युग्मकों (Gametes) का निर्माण समसूत्री विभाजन (Mitotic Division) द्वारा हो?

उत्तर: यदि युग्मक समसूत्री विभाजन (Mitosis) द्वारा बनें, तो उनमें गुणसूत्रों की संख्या शरीर कोशिकाओं के समान होगी। निषेचन के बाद प्रत्येक पीढ़ी में गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी होती जाएगी, जिससे आनुवंशिक असंतुलन उत्पन्न होगा।

प्रश्न 6.

कैंसर कोशिकाएँ कैसे बढ़ती और फैलती हैं?

उत्तर: कैंसर कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से विभाजित होकर ट्यूमर बनाती हैं। कुछ कोशिकाएँ रक्त या लसीका के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में फैल जाती हैं। इस प्रक्रिया को मेटास्टेसिस कहते हैं।



 



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