Jeevan Ki Maulik Ikaai

जीवन की मौलिक इकाई

  • जीवन = Life
  • मौलिक = Fundamental / Basic
  • इकाई = Unit

अर्थ: कोशिका (Cell) जीवन की मौलिक इकाई है।
(Cell is the basic structural and functional unit of life.)

कोशिका की संरचना एवं कार्य

(Cell Structure and Functions)

1. प्रस्तावना

सभी जीवधारियों के शरीर की रचना कोशिकाओं से होती है। कोशिका जीवन की संरचनात्मक तथा क्रियात्मक इकाई है। प्रत्येक जीव की वृद्धि, विकास तथा सभी जैविक क्रियाएँ कोशिकाओं के द्वारा सम्पन्न होती हैं।

जीवों को उनकी कोशिकाओं की संख्या के आधार पर दो वर्गों में बाँटा जाता है—

  • एककोशिकीय जीव (Unicellular Organisms)जिनका शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है, जैसे अमीबा, पैरामीशियम आदि।
  • बहुकोशिकीय जीव (Multicellular Organisms)जिनका शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, जैसे मनुष्य, पशु तथा पौधे।

2. कोशिका झिल्ली (Plasma Membrane)

कोशिका झिल्ली कोशिका की सबसे बाहरी, पतली तथा लचीली परत होती है। यह कोशिका के भीतर उपस्थित पदार्थों को बाहरी वातावरण से अलग करती है।

विशेषताएँ

  • यह जीवित झिल्ली होती है।
  • यह अर्धपारगम्य (Semipermeable) होती है।
  • यह पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।

कार्य

1.   कोशिका को निश्चित आकार प्रदान करना।

2.   कोशिका की रक्षा करना।

3.   आवश्यक पदार्थों को भीतर तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर जाने देना।

4.   कोशिका और उसके परिवेश के मध्य पदार्थों के आदान-प्रदान को नियंत्रित करना।


3. कोशिका भित्ति (Cell Wall)

कोशिका भित्ति केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है। यह कोशिका झिल्ली के बाहर स्थित एक कठोर परत होती है, जो मुख्यतः सेलुलोज से बनी होती है।

कार्य

  • कोशिका को दृढ़ता प्रदान करना।
  • कोशिका की सुरक्षा करना।
  • कोशिका को निश्चित आकार देना।
  • अत्यधिक जल ग्रहण करने पर कोशिका को फटने से बचाना।

4. केन्द्रक (Nucleus)

केन्द्रक कोशिका का सबसे महत्त्वपूर्ण भाग है। इसे कोशिका का नियंत्रण केन्द्र कहा जाता है क्योंकि यह कोशिका की समस्त गतिविधियों का संचालन करता है।

केन्द्रक के भाग

(क) केन्द्रकीय झिल्ली (Nuclear Membrane)

यह केन्द्रक को चारों ओर से घेरे रहती है तथा केन्द्रक और कोशिकाद्रव्य को अलग करती है।

(ख) केन्द्रकीय द्रव्य (Nucleoplasm)

केन्द्रक के भीतर पाया जाने वाला अर्धद्रव पदार्थ।

(ग) केन्द्रिका (Nucleolus)

यह राइबोसोम के निर्माण में सहायक होती है।

(घ) वर्णसूत्र पदार्थ (Chromatin Material)

विभाजन के समय यही वर्णसूत्रों (Chromosomes) में परिवर्तित हो जाता है।

कार्य

  • कोशिका की समस्त क्रियाओं का नियंत्रण।
  • आनुवंशिक गुणों का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरण।
  • कोशिका विभाजन का संचालन।

5. कोशिकाओं के प्रकार

(क) प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ

इन कोशिकाओं में वास्तविक केन्द्रक नहीं पाया जाता। केन्द्रकीय झिल्ली अनुपस्थित होती है।

उदाहरणजीवाणु (Bacteria)

विशेषताएँ

  • आकार में छोटी होती हैं।
  • झिल्लीयुक्त कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं।
  • केन्द्रक सुविकसित नहीं होता।

(ख) यूकैरियोटिक कोशिकाएँ

इनमें स्पष्ट एवं सुविकसित केन्द्रक उपस्थित होता है।

उदाहरणपौधे, जन्तु, कवक तथा प्रोटिस्ट।

विशेषताएँ

  • आकार में अपेक्षाकृत बड़ी होती हैं।
  • झिल्लीयुक्त कोशिकांग उपस्थित होते हैं।
  • केन्द्रक स्पष्ट होता है।

6. कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)

यह केन्द्रक और कोशिका झिल्ली के मध्य पाया जाने वाला जेली जैसा अर्धद्रव पदार्थ है।

कार्य

  • विभिन्न कोशिकांगों को धारण करना।
  • कोशिका की अनेक जैव-रासायनिक क्रियाओं का स्थान होना।

7. कोशिकांग (Cell Organelles)

(क) अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum)

यह नलिकाओं एवं थैलियों का जाल होता है।

प्रकार

1. खुरदरी अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (Rough ER)

इसकी सतह पर राइबोसोम पाए जाते हैं।

कार्यप्रोटीन का संश्लेषण।

2. चिकनी अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (Smooth ER)

कार्य

  • वसा (लिपिड) का संश्लेषण।
  • विषैले पदार्थों का अपघटन।

(ख) गोल्जीकाय (Golgi Apparatus)

यह चपटी थैलियों का समूह होता है।

कार्य

  • प्रोटीन एवं अन्य पदार्थों का संग्रहण।
  • पदार्थों का संशोधन एवं पैकेजिंग।
  • लाइसोसोम के निर्माण में सहायता।

(ग) माइटोकॉण्ड्रिया (Mitochondria)

इन्हें कोशिका का शक्तिगृह (Power House of the Cell) कहा जाता है।

कार्य

  • भोजन के ऑक्सीकरण द्वारा ऊर्जा उत्पन्न करना।
  • ए.टी.पी. (ATP) का निर्माण करना।

(घ) लाइसोसोम (Lysosomes)

इनमें पाचक एंजाइम पाए जाते हैं।

कार्य

  • कोशिका के अपशिष्ट पदार्थों का पाचन।
  • क्षतिग्रस्त कोशिकांगों का विघटन।

इन्हें आत्मघाती थैली (Suicide Bags) भी कहा जाता है।


(ङ) प्लास्टिड (Plastids)

ये केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं।

प्रकार

1. हरितलवक (Chloroplast)

इनमें क्लोरोफिल वर्णक पाया जाता है।

कार्यप्रकाश संश्लेषण।

2. वर्णलवक (Chromoplast)

ये फूलों तथा फलों को विभिन्न रंग प्रदान करते हैं।

3. श्वेतलवक (Leucoplast)

इनमें भोजन का संचय होता है।


(च) रसधानी (Vacuole)

यह द्रव से भरी हुई थैली होती है।

कार्य

  • जल एवं भोजन का संचय।
  • कोशिका में तुर्गर दाब बनाए रखना।

8. कोशिका विभाजन (Cell Division)

(क) समसूत्री विभाजन (Mitosis)

इस विभाजन में एक कोशिका से दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं।

महत्त्व

  • शरीर की वृद्धि में सहायता।
  • क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत।
  • मृत कोशिकाओं का प्रतिस्थापन।

(ख) अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)

इस विभाजन में एक कोशिका से चार असमान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं, जिनमें गुणसूत्रों की संख्या मूल कोशिका की आधी होती है।

महत्त्व

  • युग्मकों (Gametes) का निर्माण।
  • पीढ़ी-दर-पीढ़ी गुणसूत्र संख्या को स्थिर बनाए रखना।
  • आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करना।

सारांश

  • कोशिका जीवन की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
  • कोशिका झिल्ली पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।
  • केन्द्रक कोशिका की सभी क्रियाओं का नियंत्रण करता है।
  • माइटोकॉण्ड्रिया ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, इसलिए इन्हें कोशिका का शक्तिगृह कहा जाता है।
  • लाइसोसोम कोशिका के अपशिष्ट पदार्थों का पाचन करते हैं, अतः इन्हें आत्मघाती थैली कहा जाता है।
  • प्लास्टिड केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
  • समसूत्री विभाजन से दो समान कोशिकाएँ तथा अर्धसूत्री विभाजन से चार असमान कोशिकाएँ बनती हैं।

 

ANIMAL CELL ( JANTU KOSHIKA)




 

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